आओ बच्चो दो पैसे में दुनिया भर की सैर करो

नज़्ज़ारे दिखलाने वाला
जग की सैर कराने वाला
डब्बा अपने सर पे उठाए
गली गली में जाने वाला
आज तुम्हारे घर के बाहर रंग जमाने आया
दो पैसे में दुनिया भर की सैर कराने आया

आओ बच्चो दो पैसे में दुनिया भर की सैर करो
उस ने डब्बा ला कर रखा
तुम ने इक शीशे में झाँका
तस्वीरों पर तस्वीरें हैं
बिल्ली कुत्ता मैना तोता
खेल तमाशे वाला इक संसार बसाने आया
दो पैसे में दुनिया भर की सैर कराने आया

आओ बच्चो दो पैसे में दुनिया भर की सैर करो
कितना अच्छा रंग जमाया
एक ज़रा सा पेच घुमाया
तुम ने चाँदनी चौक को खो कर
कलकत्ते के शहर को पाया
सर पे उठा कर कलकत्ते का शहर दिखाने आया
दो पैसे में दुनिया भर की सैर कराने आया

आओ बच्चो दो पैसे में दुनिया भर की सैर करो
आगरे आओ ताज को देखो
कल को देखो आज को देखो
चाहो अगर तो यूरोप जा कर
अफ़रंगी के राज को देखो
तुम को सैर-सपाटे का शौक़ीन बनाने आया
दो पैसे में दुनिया भर की सैर कराने आया

आओ बच्चो दो पैसे में दुनिया भर की सैर करो
गाड़ी लाया इंजन लाया
पैरिस लाया लंदन लाया
गठड़ी अपने सर पे उठाए
बारह मन की धोबन लाया
जितने रोते बच्चे थे उन सब को हँसाने आया
दो पैसे में दुनिया भर की सैर कराने आया

— Jagan Nath Azad

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