इन आँखों में अश्कों का पहरा है शायदमेरा दुख समुंदर सा गहरा है शायदमेरी तेज़ धड़कन बताती है यारोंरक़ीबों के घर से वो गुज़रा है शायद— Harshwardhan Aurangabadi