कुछ काम करो कुछ काम करो
दुनिया में पैदा नाम करो
दिन भर मेहनत में शाद रहो
जब रात पड़े आराम करो
अंजाम ख़ुदा के हाथ में है
तुम कोशिश सुब्ह-ओ-शाम करो
तकलीफ़ से राहत मिलती है
ये सौदा लो वो दाम करो
हिम्मत से आगे बढ़ जाओ
बढ़ कर हासिल इनआ'म करो
हमदर्दी से ग़म-ख़्वारी से
हर शख़्स के दिल को राम करो
लोगों में तुम्हारी क़द्र बढ़े
बच्चो कोई ऐसा काम करो
ता'लीम जहाँ में फैलाओ
इस 'फ़ैज़' का चर्चा आम करो
— Faiz Ludhianvi















