यादें नागिन

डस जाएँ
तो जीवन रस में ज़हर मिले
शाख़ें सूख के काँटा हों
मौत का साया गहरा हो

यादें कलियाँ
खिल जाएँ
तो सहरा सहरा महक उठे
टहनी टहनी पत्ता पत्ता अमृत रस टपकाए
जीवन का उजयाला हो

तेरी आँखें नागिन जैसी
तेरे होंट हैं कलियाँ
एक में मौत का गहरा साया
एक में रस जीवन का

— Ejaz Farooqi

More by Ejaz Farooqi

Other nazm from the same pen

See all from Ejaz Farooqi →

Lab Shayari

Shers of lab.

All Lab Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling