चूहों ने इक शहर बसाया
बेहद आली-शान
अपने शहर का नाम उन्हों ने
रक्खा चूहिस्तान
चूहिस्तान का नाम सुना तो
ख़ालिद और इरफ़ान
इक दिन इक बिल्ली को ले कर
पहुँचे चूहिस्तान
देख के बिल्ली को चूहों के
ख़ता हुए औसान
भाग गए जब सारे चूहे
छोड़ के चूहिस्तान
ले कर ख़ुश ख़ुश घर को लौटे
ख़ालिद और इरफ़ान
चूहिस्तान के गोदामों में
था जो भी सामान
— Badiuzzaman Khawar















