"ख़ाली आँखें"

नहीं ख़ाली नहीं रह सकती हैं आँखें
अकेलापन डराता है उन्हें
कभी बहुत सुकून से भरी होंगी
फिर उस के अलविदा कहते ही
ख़्वाब आ जाएँगे उन की जगह लेने
जो पूरे हुए तो मुस्कुराहटें भर देंगे आँखों में
वर्ना आँसुओं के ज़र्रे छीन लेंगे वो जगह
और आँसुओं के गुज़र जाने पर भी
मिलेगी तुम्हें गहन ख़ामोशी
जो भरी होगी आँखों के कोनों में
जिस के चले जाने के बा'द फिर देखोगे तुम
एक नई सुब्ह की चमक उन
में
तो आज मेरे कहने पर आईना देखना
या देख लेना किसी और की आँखों में ही
ये जानने के लिए कि क्या है तुम्हारी आँखों में
जिस से पता चले तुम्हें भी
कि ख़ाली नहीं रह सकती हैं आँखें

— Anshika Shukla

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