ये इक रोज़ बिछड़ जाने का डर मौलाडाल गया है मेरे मन में घर मौलाया तो उस को लिख मेरी क़िस्मत में तूया फिर मेरे सजदे वापस कर मौला— Aman Mishra 'Anant'