इस तरह हम तुम्हारा असर देखते ये हसीं लब ये ज़ुल्फ़ें नज़र देखतेशहर से जब तुम्हारे गुज़रते कभीतो तुम्हारी गली ख़ासकर देखते— Ankit Yadav