"तुम बिन"
तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन
कैसे कटे ये रातें, कैसे कटे ये दिन
कटती है जैसे उम्र अब साँसें गिन - गिन
तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन
होकर जुदा अब तुझ से मैं जी ना सकूँगा
ज़हर दर्द-ए-जुदाई मैं पी ना सकूँगा
तुम बिन गुजारा अब हो गया ना-मुमकिन
तुम बिन जिया न जाए, जिया न जाए तुम बिन
— Vikas Sangam















