"जन्मदिन मुबारक"

दिन ये सोने से, रातें ये रंगीन मुबारक
ऐ मेरी साँसों की रवानी
तुझ को तेरा जन्मदिन मुबारक

भवरें मुस्काएँ, फूलों की डाली-डाली हँसें
जब तू मुस्काए, तेरे होंठों की लाली हँसें
मेरा कत़्ल करे, तेरे नैन कजरारे काले
मजरूह हुए ना जाने कितने मतवाले
तुझ को ये बहारें शौकीन मुबारक
ऐ मेरी तसव्वुर की रानी
तुझ को तेरा जन्मदिन मुबारक

— Vikas Sangam

More by Vikas Sangam

Other nazm from the same pen

See all from Vikas Sangam →

Fantasy Shayari

Shers of fantasy.

All Fantasy Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling