यार से बिछड़े हुए अर्सा हुआ हैये गला पानी को अब तरसा हुआ हैभीग नइँ पाया कभी बरसात में मैंमेरा बादल और कहीं बरसा हुआ है— Madan Gopal 'AloukiK'