मैं ख़्वाब की अपने इक ता'बीर बनाऊँगाचुन चुन के कलर उस की तस्वीर बनाऊँगाजो मुझ को तिरी यादों से जोड़ के रख पाएदुख दर्द से इक लंबी जंजीर बनाऊँगा— Divyanshu Tiwari SAHIL