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Satyam Bhaskar "Bulbul"

Top 10 of Satyam Bhaskar "Bulbul"

Satyam Bhaskar "Bulbul"

Top 10 of Satyam Bhaskar "Bulbul"

    आते हुए मिले भी थे तुम किसी से,बोलो
    सचमुच नहीं तो ख़ुद को बे-पैरहन दिखाओ
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    10
    6 Likes
    अच्छा तो ऐसे मिलना ना-मुमकिन है क्या
    ले फिर, तेरे ख़ातिर हम मर ही जाते हैं
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    9
    7 Likes
    सुनो, जो नवाबों सा लहजा है मेरा
    ये सब बाप के ही बदौलत है मेरे
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    8
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    वो इक याद सोने नहीं देती यारों
    सुनो यार इक आध सिगरेट लाओ
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    7
    5 Likes
    "मेरे बा'द"
    जब मैं तेरे पुकारने पे न आऊँ
    जब मेरे क़दमों के नक़्श तेरी गलियों से मिट जाएँ
    जब तेरी हिचकियाँ भी रुक जाए
    लगे की कोई याद नहीं कर रहा
    या नहीं आए आवाज़ किसी महफ़िल से
    नहीं आए आवाज़ मेरी ,कोई नज़्म पढ़ते हुए
    जब कोई मुंतज़िर आँखें नहीं दिखे तुम्हें
    या दिखे इक लड़की रोती हुई
    जो सिसकियाँ ले कर ,पढ़ रही हो मेरी ग़ज़लें
    जब ख़ाली दिखे तुम्हें वो चबूतरा,जहाँ
    मैं बैठ कर ग़ज़ल लिखता था
    जब वो गली भी सुनसान दिखे,
    जहाँ हमारी दास्ताँ का आगाज़ हुआ था,
    या दिखे वो मोड़ आवारा,
    जहाँ हम मिल कर , बिछड़ गए थे,
    जब मेरे नाम पे हर नज़र झुक जाए,
    तब पूछना किसी बच्चे से,
    और आ जाना
    शहर के आख़िरी कब्र पे,
    इक गुलाब ले कर,
    रखना गुलाब मेरी कब्र पर,
    और इक आख़िरी बार आवाज लगाना मुझे,
    फिर कहना
    अलविदा,
    अलविदा मेरे दोस्त,
    अलविदा मेरे शाइ'र
    और खो जाना शहर के भीड़ में
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    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    6
    4 Likes
    सुनते नहीं किसी की भी
    अन-सुलझा सा ख़याल हो

    जो ये शराब छोड़ दो
    तो आदमी कमाल हो
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    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    5
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    इस शाख से तिरी, जिस भी दिन उड़ेगा बुलबुल
    उस दिन बगीचा तेरा वीरान होना तय है
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    4
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    बात सारी फिर कभी होगी अभी तो ये बता
    वो जो बेटा है तिरा, फ़िलहाल दिखता कैसा है
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    3
    6 Likes
    घर मेरा जैसे मंदिर था उन के साथ बुलबुल
    अब उन के बा'द घर मय-ख़ाना बना रखा है
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    2
    7 Likes
    इक राज़ से हमें अनजाना बना रखा है
    उस ने तो ग़ैर को दीवाना बना रखा है
    Satyam Bhaskar "Bulbul"
    1
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