ज़माने को ज़रूरत है मोहब्बत की मुरव्वत की
मगर हम ने तो नफ़रत के सिवा दिल में रखा क्या है
मगर हम ने तो नफ़रत के सिवा दिल में रखा क्या है
9
1 Like
4
1 Like
तू ही तो सब से पास है
तुझ से मेरा हर श्वास है
तुझ से मेरा हर श्वास है
देखो ख़ुदा ये हर जगह
मौजूद है एहसास है
नूर-ए-हक़ीक़त पा लिया
फिर हर नज़ारा ख़ास है
जब तू मिला तो मिट गई
इस आत्मा की प्यास है
मुझ बे-अदब मग़रूर को
रहम-ओ-करम की आस है
ये इश्क़ हासिल है उसे
जिस का अटल विश्वास है
2
2 Likes










