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Harshwardhan Aurangabadi

Top 10 of Harshwardhan Aurangabadi

Harshwardhan Aurangabadi

Top 10 of Harshwardhan Aurangabadi

    जुदाई याद आती है सुकूँ दिन भर नहीं मिलता
    मैं जिस को चाहता हूँ वो मुझे अक्सर नहीं मिलता

    जुदा जब मैं हुआ उन से तो मुझ को ये समझ आया
    जो घर पर प्यार मिलता है किसी दर पर नहीं मिलता

    ग़लत रस्ता दिखाने को बहुत से लोग मिलते हैं
    सही गर रास्ता हो तो कोई रहबर नहीं मिलता

    गुज़ारो ग़म के दिन हँसकर मगर ये जान लो यारों
    सुकूँ जो रो के मिलता है कभी हँसकर नहीं मिलता

    इरादे साफ़ रख कर जो ग़रीबों का भला कर दे
    मुझे इस मुल्क में ऐसा कोई लीडर नहीं मिलता

    मिला है गर तुझे ’वर्धन’ तो बेशक प्यार करती है
    किसी को इतनी जल्दी फ़ोन का नंबर नहीं मिलता
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    Harshwardhan Aurangabadi
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    मैं तेरे पास क्यूँ आया बेकार में?
    दर्द मिलता रहा उम्र भर प्यार में

    ढूँढ़ते ढूँढ़ते, मैं यहाँ थक गया
    माँ, पिता-सा, नहीं कोई संसार में

    अब तो उस के भी शादी के दिन आ गए
    ज़िंदगी मेरी गुज़री है रफ़्तार में

    वो मुसलसल उसे देखती रह गई
    जब मेरी फोटो आई थी अख़बार में

    मेरी इज़्ज़त से उस को बहुत प्यार था
    फूल जड़ती थी वो मेरे दस्तार में

    जब तुझे छू के मुझ तक हवा आती है
    दर्द-ओ-ग़म आते हैं मेरे अश'आर में

    जीत का जश्न मैं भी मनाता मगर
    हार जाता है ‘वर्धन’ तेरी हार में
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    Harshwardhan Aurangabadi
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    क़दर कर लो ज़रा वरना तरस जाओगे मिलने को
    जब आएगी ख़बर तुम तक कि अब तो मर गया 'वर्धन'
    Harshwardhan Aurangabadi
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    मेरे दिल में रहने के काबिल नहीं थी
    मुझे छोड़कर उस ने अच्छा किया है
    Harshwardhan Aurangabadi
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    मैं सहम के ठहर ही गया भीड़ में
    जब तुम्हारे लबों ने कहा अलविदा
    Harshwardhan Aurangabadi
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    तेरे घर को आया सवेरे-सवेरे
    ग़ज़ब का सुकूँ था सवेरे-सवेरे

    उसे आज़माना था बस इश्क़ मेरा
    मुझे आज़माया सवेरे-सवेरे

    इरादा था तुझ को भुलाने का लेकिन
    तू ही याद आया सवेरे-सवेरे

    मेरी जाँ क़सम से, परेशाँ था मैं तो
    तेरा ख़त जलाया, सवेरे-सवेरे

    तेरा साथ छूटा, तो यारों ने मेरे
    गले से लगाया, सवेरे-सवेरे
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    Harshwardhan Aurangabadi
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    बचाओ-बचाओ वो चिल्ला रही थी
    बिछड़ कर जो मुझ से, मरे जा रही थी

    ग़ज़ल गर मैं कहता वो बदनाम होती
    क़लम से मेरी वो डरे जा रही थी

    क़सम तोड़-के घर गई थी जो लड़की
    वो शादी में अपने क़सम खा रही थी

    मुझे जब दवा की ज़रूरत थी यारों
    नमक दे के मुझ को वो तड़पा रही थी
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    Harshwardhan Aurangabadi
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    तेरा पास आना, तेरा दूर जाना
    नहीं है मोहब्बत, यही है हक़ीक़त
    Harshwardhan Aurangabadi
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    तीरगी में रही बे-कसी रात भर
    दर्द देती रही, दिल-लगी रात भर

    मैं सवेरे तेरे शहर आता मगर
    ज़ख़्म आँखें दिखाती रही रात भर
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    Harshwardhan Aurangabadi
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    इन आँखों में अश्कों का पहरा है शायद
    मेरा दुख समुंदर सा गहरा है शायद

    मेरी तेज़ धड़कन बताती है यारों
    रक़ीबों के घर से वो गुज़रा है शायद
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    Harshwardhan Aurangabadi
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Omkar Bhaskar DasOmkar Bhaskar DasAnsar EthviAnsar EthviKumar Prem PinakiKumar Prem PinakiMahmood munjaMahmood munjaMohammad BilalMohammad BilalRohan HamirpuriyaRohan HamirpuriyaIrshad 'Arsh'Irshad 'Arsh'Adnan Ali SHAGAFAdnan Ali SHAGAFJonty nainJonty nainLalit Mohan JoshiLalit Mohan Joshi