मेरी नज़र में उस ने जब उस नज़र से देखा
दिल में मेरे ये कैसे जज़्बात आ रहे हैं
दिल में मेरे ये कैसे जज़्बात आ रहे हैं
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"ख़ामोशी"
ख़ामोशी आ बात करें
तुम क्यूँ इतना ख़ामोश रहती हो
ख़ामोशी आ बात करें
किसी से कुछ भी नहीं कहती हो
क्या ग़म है जाने क्या क्या सहती हो
क्या बात है क्या छुपा के रखती हो
आओ कुछ तो अस्वात करें
ख़ामोशी आ बात करें
तुम क्यूँ इतना ख़ामोश रहती हो
ख़ामोशी आ बात करें
तुम भी हो तन्हा हम भी हैं तन्हा
कुछ तुम सुनाओ कुछ हम सुनाएँ
रात को दिन दिन को रात करें
चलो इक रोज़ मुलाक़ात करें
ख़ामोशी आ बात करें
तुम क्यूँ इतना ख़ामोश रहती हो
ख़ामोशी आ बात करें
Read Fullतुम क्यूँ इतना ख़ामोश रहती हो
ख़ामोशी आ बात करें
किसी से कुछ भी नहीं कहती हो
क्या ग़म है जाने क्या क्या सहती हो
क्या बात है क्या छुपा के रखती हो
आओ कुछ तो अस्वात करें
ख़ामोशी आ बात करें
तुम क्यूँ इतना ख़ामोश रहती हो
ख़ामोशी आ बात करें
तुम भी हो तन्हा हम भी हैं तन्हा
कुछ तुम सुनाओ कुछ हम सुनाएँ
रात को दिन दिन को रात करें
चलो इक रोज़ मुलाक़ात करें
ख़ामोशी आ बात करें
तुम क्यूँ इतना ख़ामोश रहती हो
ख़ामोशी आ बात करें
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वो भी हम को मिल गया है क्या सितम है
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है
देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो
रात दिन माँगे दुआ है क्या सितम है
ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है
आज कल घर से निकलते ही नहीं हो
यार तुम को क्या हुआ है क्या सितम है
इश्क़ तेरा ज़हर सा होने लगा है
ज़हर ही मेरी दवा है क्या सितम है
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