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SWAPNIL YADAV 'NIL'

Top 10 of SWAPNIL YADAV 'NIL'

SWAPNIL YADAV 'NIL'

Top 10 of SWAPNIL YADAV 'NIL'

    जिस वहशत ने तुम को है बेकार किया
    हम ने उस का सालों कारोबार किया

    ख़ाक उड़ाई ख़ूब ख़ुदा की दुनिया में
    यूँ ही नइँ इन ग़ज़लों ने सरदार किया

    ज़ख़्मों ने है मुझ को गर शोहरत दे दी
    या'नी पेड़ ने धूप को भी आहार किया

    सब से पहले सुर्ख़ तअल्लुक़ तोड़ दिए
    और नज़र को गंगा के उस पार किया

    एक तुम्हारी याद ही मेरी साथिन है
    माँ कहती है किस को किस को प्यार किया

    मैं कहता हूँ बदन ठिकाने लग जाए
    दिल कहता है बिल्कुल हाँ सरकार किया

    अव्वल आना ही मेरा मुस्तक़बिल है
    घर भर में पहला हूँ जिस ने प्यार किया
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    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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    कोई छोड़ के जाए तो हैरत कैसी
    ख़ुदस समझौता क्या पहली बार किया
    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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    मान कर के वफ़ा की सब शर्तें
    हम ने दुनिया सँभाल रक्खी है
    SWAPNIL YADAV 'NIL'
    8
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    तुम्हारे साथ जो हँसता बहलता एक लड़का है
    पलटकर रो भी पड़ता है, मगर तुझ से नहीं कहता
    SWAPNIL YADAV 'NIL'
    7
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    मेरी ऐसी हालत है
    फिर भी तुम को दिक़्क़त है

    अपनी जिद पे क़ायम हूँ
    पागल जैसी हालत है

    मेरी चिंता करते हैं
    या'नी मुझ से नफ़रत है

    मेरे आँसू देखोगे
    बोलो इतनी हिम्मत है

    दफ़्तर अपना फूँक दिया
    आओ बैठो फ़ुर्सत है

    दुनिया अपनी फूँक चुके
    हाँ अब थोड़ी राहत है

    चैन मुझे गर आ जाए
    मेरे ग़म पर लानत है

    आप बड़े ख़ुश रहते हैं
    अपनी अपनी आदत है

    ज़ख़्म मुझे भेजा करिए
    इस से मुझे मुहब्बत है
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    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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    जब भी मौत हमारी ख़्वाहिश दूर किनारे करती है
    तब दुनिया हो होकर साधू खूब ख़सारे करती है

    ये ख़िदमतगारी है मेरी इस दुनिया की महफ़िल में
    मैं अंधा हूँ पर ये दुनिया खूब शरारे करती है

    कहने वाले कहते हैं ये दुनिया है रंगीन बहुत
    एक ख्वाहिश-ए-क़ज़ा है जो बर्बाद नज़ारे करती है

    दोनों हाथों से ये धड़कन खूब दबा हम लेते हैं
    जैसे ही तक़दीर कभी नज़दीक तुम्हारे करती है

    हम लेटे रहते हैं पी कर कितने जाम उदासी के
    इक साक़ी-सी दुनिया आगे रक़्स हमारे करती है

    जब भी मौत का बोसा आ कर साँस उड़ाने लगता है
    तब तब दुनिया भी दूरी से शोख़ इशारे करती है
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    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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    न लौटोगे कभी तुम जानता हूँ
    ये मेरी ज़िंदगी है फ़िल्म थोड़ी
    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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    ख़ुदी की शख़्सियत से भागते हो
    दिसम्बर की गलन में आग-से हो

    नई पाबंदियाँ हैं लो सुनो सब
    अगर हो इश्क़ तो हमज़ात से हो

    सुनाई दे रही है जो अज़ल से
    उसी आवाज़ के तुम क़ाफ़िये हो

    पता महरूम का इक पूछता हूँ
    मिरे में शख़्स था इक जानते हो
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    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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    आप का अक्स मुझ
    में अमृत था
    आप का हिज्र दिल पे आरी है
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    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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    हम लेटे रहते हैं पी कर इतने जाम उदासी के
    इक साक़ी सी दुनिया आगे रक़्स हमारे करती है
    SWAPNIL YADAV 'NIL'
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Rohit ydvRohit ydvAdarsh Anand AmolaAdarsh Anand AmolaNasir HayaatNasir HayaatNaimish trivediNaimish trivediDarpanDarpanKashif Hussain KashifKashif Hussain KashifKoharKoharKavi Bhimsen Singh UjjwalKavi Bhimsen Singh UjjwalSurya TiwariSurya TiwariShivsagar SaharShivsagar Sahar