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Top 10 of
Aryan Mishra
Top 10 of
Aryan Mishra
“किताब”
एक किताब थी पास मेरे
वही जिसे पढ़ने में आलस आता था
लगता था जो हमेशा डेस्क पर रखी रहेगी
धूल खाएगी
कहाँ जाएगी
जाएगी नहीं कहीं
कौन पढ़ेगा उस किताब को
जिस
में भाव का अभाव है
झूठ का प्रभाव है
फिर एक दिन एक झूठा
मुझ से वो किताब ले गया
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Aryan Mishra
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कहाँ हम से दुआ होगी कहाँ नौहे पढ़ूँगा अब
तुम्हें सब माँग लेंगे हम खड़े मेहराब देखेंगे
Aryan Mishra
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"आदत"
वो साथ था आबाद था
जैसे तैसे निकला ही था ख़ुद से ख़ुद को पीछे छोड़ कर
पर एक आदत से निकलने के लिए दूसरी आदत डाल ली
डाल ली फिर से आदत कुछ अटपटे से नाम देने की
काम देने की मेरी सुब्ह मेरी शाम देने की
आदत डाल ली फिर से मैं ने
निकाल ली मैं ने वो पोशाकें जो कभी दोबारा नहीं पहनने का मन बनाया था
तन नहीं सजाया था सालों से मैं ने
अरसे बीत गए थे ख़ुद को दूसरे की आँखों के पानी में देखे
पर फिर भी आदत डाल ली मैं ने
फिर से कुछ केशों को गालों पर सजाने की
फिर से इस सीने की इक तकिया बनाने की
फिर से अक्सर रात में घर देर जाने की
ग़लतियाँ सारी किसी की भूल जाने की
आदत डाल ली फिर से
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Aryan Mishra
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ढूँढ़ता है आसमाँ
बादलों में कारवाँ
जैसे हैं सब ढूँढ़ते
आशिक़ों में इक मकाँ
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Aryan Mishra
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जिन पैरों पर पैरों को अब रखते हो
मेरे हाथ तो उन पाओं से जलते हैं
Aryan Mishra
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मृगतृष्णा की सच्चाई को झूठ बताया करते हैं
कैसे कैसे लोग हैं जो पत्थर पिघलाया करते हैं
Aryan Mishra
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बहुत पथरा गया हूँ मैं
समझ गर आ गया हूँ मैं
जहाँ तुम याद करती थी
वहीं भूला गया हूँ मैं
ये तोहमत की दरारें हैं
बहुत जोड़ा गया हूँ मैं
मेरी साँसें नहीं रुकतीं
तभी उकता गया हूँ मैं
सही बातें नहीं हैं ये
ग़लत परखा गया हूँ मैं
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Aryan Mishra
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मैं ने सुना टूटे मकाँ आगे नहीं ढहते
मेरे दिल-ए-सहरा में क्यूँ आँसू नहीं बहते
लड़की बिना इक जीत के लड़की ही रहती है
लड़के हमारे हार कर लड़के नहीं रहते
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Aryan Mishra
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वो टूटा बहुत है ये सच ही तो है पर
न जाने मेरे गाने क्यूँ गा रहा है
Aryan Mishra
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मुझे सच में झूठों से बहला रहा है
समुंदर में नदियों से नहला रहा है
हैं नासूर सारे तेरे ही तो मुझ
में
ख़ता जानकर भी तू सहला रहा है
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Aryan Mishra
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Piyush Sharma
Jitendra "jeet"
kapil verma
Amaan Javed
Daqiiq Jabaali
Shadab Shabbiri
Anuj Vats
Sristi Singh
Surbhi Sharma
Shan Sharma