Sad Shayari
Top 20

Sad Shayari

    मैं न सोया रात सारी तुम कहो
    बिन मेरे कैसे गुज़ारी, तुम कहो

    हिज्र, आँसू, दर्द, आहें, शायरी
    ये तो बातें थीं हमारी, तुम कहो

    Prakhar Kanha
    53 Likes

    दुनिया की फ़िक्र छोड़, न यूँ अब उदास बैठ
    ये वक़्त रब की देन है, अम्मी के पास बैठ

    Salman Zafar
    46 Likes

    मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
    लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया

    Majrooh Sultanpuri
    67 Likes

    चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है
    हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है

    Hasrat Mohani
    68 Likes

    है दुख तो कह दो किसी पेड़ से परिंदे से
    अब आदमी का भरोसा नहीं है प्यारे कोई

    Madan Mohan Danish
    75 Likes

    हम अपने दुख को गाने लग गए हैं
    मगर इसमें ज़माने लग गए हैं

    Madan Mohan Danish
    37 Likes

    मैं किसी आँख से छलका हुआ आँसू हूँ 'नबील'
    मेरी ताईद ही क्या मेरी बग़ावत कैसी

    Aziz Nabeel
    22 Likes

    ख़ुदा को मान कि तुझ लब के चूमने के सिवा
    कोई इलाज नहीं आज की उदासी का

    Zafar Iqbal
    51 Likes

    एक दुख ये के तू मिलने नहीं आया मुझसे
    एक दुख ये के उस दिन मेरा घर खाली था

    Tehzeeb Hafi
    85 Likes

    तू भी कब मेरे मुताबिक मुझे दुख दे पाया
    किस ने भरना था ये पैमाना अगर खाली था

    एक दुख ये कि तू मिलने नही आया मुझसे
    एक दुख ये है उस दिन मेरा घर खाली था

    Tehzeeb Hafi
    157 Likes

    आँख आँसू को ऐसे रस्ता देती है
    जैसे रेत गुज़रने दरिया देती है

    कोई भी उसको जीत नहीं पाया अब तक
    वैसे वो हर एक को मौक़ा देती है

    Kafeel Rana
    54 Likes

    आँसू हमारे गिर गए उन की निगाह से
    इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही

    Jaleel Manikpuri
    21 Likes

    मेरे साथ हँसने वालों शरीक हों दुख में
    गर गुलाब की ख़्वाहिश है तो चूम काँटों को

    Neeraj Neer
    42 Likes

    मैं वो नाकाम मुसव्विर हूँ जो ख़ुद के हाथों
    एक उदासी के सिवा कुछ न बना पाया है

    Ashutosh Vdyarthi
    10 Likes

    यूँ ही थोड़ी मेरी गज़लों में इतना दुख होता है
    इस दुनिया ने हम लड़कों से रोने का हक़ छीना है

    Harsh saxena
    18 Likes

    एक दिन की ख़ुराक है मेरी
    आप के हैं जो पूरे साल के दुख

    Varun Anand
    89 Likes

    नाप रहा था एक उदासी की गहराई
    हाथ पकड़कर वापस लायी है तन्हाई

    वस्ल दिनों को काफ़ी छोटा कर देता है
    हिज्र बढ़ा देता है रातों की लम्बाई

    Tanoj Dadhich
    56 Likes

    मैं तो उस वक़्त से डरता हूँ कि वो पूछ न ले
    ये अगर ज़ब्त का आँसू है तो टपका कैसे

    Ahmad Nadeem Qasmi
    41 Likes

    दश्त छोड़े हुए अब तो अरसा हुआ
    मैं हूँ मजनूँ मगर नाम बदला हुआ

    मुझको औरत के दुख भी पता हैं कि मैं
    एक लड़का हूँ बेवा का पाला हुआ

    Rishabh Sharma
    35 Likes

    कहा जो कृष्ण ने गीता में रक्खेगा अगर तू याद
    भले जितना घना जंगल हो पर तू खो नहीं सकता

    Amaan Pathan
    12 Likes

How's your Mood?