@shivang021
Shivang Tiwari shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shivang Tiwari's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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ज़िंदगी लौट कर आ गई है
इक जगह तू नज़र आ गई है
रात भर याद करना था तुमको
रात भी ता-सहर आ गई है
मै तेरी दुश्मनी को कुछ दिनों में भूल जाता हूँ
मगर वो दोस्ती मुझको अभी भी याद आती है
लहू से लिक्खी किताब होगी कहाँ सुना था
ये ज़िन्दगी भी अ़ज़ाब होगी कहाँ सुना था
ख़राब होगी यहाँ पे हालत सुना था मैंने
मग़र ये इतनी ख़राब होगी कहाँ सुना था
उलझे ख़्याल दे कर ये साल चल दिया है
दिल को मलाल दे कर ये साल चल दिया है
कब कैसे किस तरह क्यों कितना कहाँ गँवाया
कितने सवाल दे कर ये साल चल दिया है
बहुत कठिन है मगर फिर भी चल के देखूँगा
मैं एक बार तो घर से निकल के देखूँगा
तवील अर्से से मंज़िल नहीं मिली तो क्या
हदफ़ वही है मैं रस्ता बदल के देखूँगा
तेरी चाहत के हम भी थोड़े से हक़दार बन जाएँ
यही हसरत है तेरी ओढ़नी के तार बन जाएँ
यक़ीं हमको नहीं होता कभी पहली मुहब्बत का
तमन्ना है तुम्हारे आख़िरी हम प्यार बन जाएँ
रात के बाद फिर रात आ जाती है
मेरा सूरज ज़मीं रोज़ खा जाती है
मैं छुपा ही नहीं पाता ज़ख़्मों को अब
मेरे होंठों पे अब टीस आ जाती है
जाने किस बात की वो लड़की सजा देती है
मेरे सारे लिखे अशआर मिटा देती है
मेरे तहरीर किए ख़त मिले भी तो कैसे
मेरे भेजे वो कबूतर तो उड़ा देती है
कितनी उम्मीद लेके आई है
मेरी बेटी मेरी कमाई है
बात निकलेगी तो बढ़ेगी ही
चुप ही रहने में अब भलाई है
अब मेरी भी ऐसी हो क़िस्मत ज़रूरी तो नहीं
हुस्न की मुझको मिले उल्फ़त ज़रूरी तो नहीं
गर जहन्नुम ही रही है ज़िन्दगी सारी मेरी
बाद मरने के मिले जन्नत ज़रूरी तो नहीं
अजब सा एक रिश्ता चाँद का अम्बर के तारों से
कि बाग़ों का मिलन हो जैसे सावन में बहारों से
जहाँ में हाँ ज़ुबाँ कोई मुहब्बत की नहीं होती
बयाँ जज़्बात हो जाते हैं आँखों के इशारों से