@shayari_withabhay
Abhay Mishra shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Abhay Mishra's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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बहुत डूबे चलो अब तो किनारा कर लिया जाए
हमारा था उसे मेरा तुम्हारा कर लिया जाए
अँधेरा है बहुत चारों तरफ़ कुछ ऐसा करते हैं
जलाकर दरमियाँ का सब उजाला कर दिया जाए
देरी से समझोगे इनका साथ मगर तुम क्या जानो
ऐसे लोगों का होना जो ख़ूब अकेले रहते हैं
हम भी उसी अंजाम पे आकर हुए ख़ुद से फ़ना
जिस मोड़ के आगे समंदर के सिवा कुछ भी नहीं
बाक़ी पत्थर तो फिर पूरे रस्ते भर में होते हैं
पहली ठोकर समझाती है आगे कैसे जाना है
ज़ुल्फ़ें उस की घोर घने काले बादल सी फैल गयीं
झोंका मुझ को एक हवा का पागल कर के बैठ गया
उस को मैंने देख लिया था जाने न कितने रंगों में
फिर जो मुझ को याद रहा हल्का सा गुलाबी कुर्ता था
ज़माना धूप से गुज़रा ज़माना शाम से गुज़रा
हमारे इश्क़ का क़िस्सा हमारे नाम से गुज़रा
सुनी फिर से कहानी जो हमारे दूर जाने की
सुहाना दिन हमारा फिर पुराने जाम से गुज़रा
उसने मुझ से पूछा था ये इश्क़ मुझे भी समझाओ
मैंने बोला बस थोड़ी सी आग लगी है पानी में
नदी के इस किनारे पर अगर हम तुम न होते तो
नदी बह भी नहीं पाती नदी रो भी नहीं पाती
उफ़ानों सा उठा है शोर दिल में
लबों पे नाम तेरा आ रहा है
यही है वक़्त कहने का उसे सब
यही पैग़ाम कब से आ रहा है