@ritesh-rajwada
Ritesh Rajwada shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ritesh Rajwada's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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पराई बाँह में रातें बिताकर जब कभी दिन में
हमें टीवी पे देखोगे तो सोचो कितना रोओगे
जब भी माँगूँ तेरी ख़ुशी माँगूँ
और दुआएँ ख़ुदा तलक जाएँ
ख़्वाब आएँ तो नींद यूँ महके
आँख से ख़ुशबुएँ छलक जाएँ
कहानी भी नहीं है दिल मे कोई
सो कुछ भी इन दिनों अच्छा नहीं है
मैं अब उकता गया हूँ ज़िन्दगी से
मेरा जी अब कहीं लगता नहीं है
तू मोहब्बत नहीं समझती है
हम भी अपनी अना में जलते हैं
इस दफा बंदिशें ज़ियादा हैं
छोड़ अगले जनम में मिलते हैं
रोज़ रोएँगे दिल जलाएँगे
एक दिन थक के बैठ जाएँगे
कौन हम को गले लगाता है
हम किसे दास्ताँ सुनाएँगे
जाने कैसे ख़ुश रहने की आदत डाली जाती है
उनके यहाँ तो बारिश में भी धूप निकाली जाती है
कहा था क्या और क्या बने हो
अजब सा इक मसअला बने हो
हमारी मर्ज़ी कहाँ थी शामिल
तुम अपने मन से ख़ुदा बने हो
छुआ है तुमने भी इक रोज़ हमको
ये ख़ुशबू देर तक महका करेगी
तुम्हारे हाथ सालों तक ये दुनिया
हमारे नाम पे चूमा करेगी
हर ख़ुशी मुस्कुरा के कहती है
दर्द बनकर छुपे हुए हो तुम
आज आब-ओ-हवा में ख़ुश्बू है
लग रहा है घुले हुए हो तुम
लिखी होगी मोहब्बत जिन सफ़ों पर
मेरा दावा है वो नम ही मिलेंगे
किसी दिन ऊब जाओगे सभी से
तुम्हें उस रोज़ फिर हम ही मिलेंगे
यार माँगा था मोहब्बत की दुआ माँगी थी
और इस दिल के हिफ़ाज़त की दुआ माँगी थी
अब तो कुछ उसका बिगाड़ा भी नहीं जा सकता
मैंने ख़ुद उसके सलामत की दुआ माँगी थी
ज़्यादा मीठा हो तो चींटा लग जाता है
सच्चे इश्क़ को अक्सर बट्टा लग जाता है
हमने अपनी जान गंवाई तब जाना
भाव मिले तो कुछ भी सट्टा लग जाता है
तेरा पीछा करते करते जाने क्यों
मैं दुनियादारी से पीछे छूट गया
तूने तो ऐ जान महज़ दिल तोड़ा था
तू क्या जाने मैं अंदर तक टूट गया