Raza sahil

Raza sahil

@razash453276

Raza sahil shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Raza sahil's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

2

Content

28

Likes

34

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

परिंदे थे रज़ा उँची उड़ानों के
मगर सय्याद ने पर काट डाले हैं

Raza sahil

ज़मीं पर आगया सूरज या के दिल है
ये क्या जलता है ये कैसे उजाले हैं

Raza sahil

अब नहीं सुन ने वाला अपनी भी
दिल उतर आया है बगावत पर

Raza sahil

तुम जिसे कह रहे हो पत्थर आज
वो कभी दोस्त धड़कता भी था

Raza sahil

नाम हरे-हरे कृष्ण का हर दम जपती जाऊँ
और न कोई चाहत ऐ गिरधर मीरा की

Raza sahil

दफ़्न कर के गाँव मे ख़्वाहिशों‌ को आए थे
शहर में ज़रूरतें घर की हम कमाने को

Raza sahil

इश्क़ बस ये बात को सोच कर नहीं किया
घर की तर्बियत पे मेरे न उंगलियाँ उठे

Raza sahil

मुझे तुम सिर्फ़ अफ़्साना ना समझो
सुनो मैं एक सच्ची दास्ताँ हूँ

Raza sahil

तेरी तस्वीर चश्मे तर में कैसे बनती है?
समझना है? दीया ला और पानी में रख दे

Raza sahil

एक क़यामत से कम नहीं है ये
तेरा होके भी ग़ैर का होना

Raza sahil

मनाए जाते हैं साल-हा-साल जन्मदिन हम
चुकाए जाते हैं जैसे किश्तें ये ज़िंदगी की

Raza sahil

निकल के दिल से आँखों के जो शहर में हुए थे यकजा
अब उन दुखों को आसुँओं की शक्ल में बहा रहा हूँ

Raza sahil

वो जो दीवार के उस पार है, वो दुश्मन है
हम को दीवार के इस पार से बचना होगा

Raza sahil

करो तहकी़क़ इस मिट्टी की पहले
इसी में दफ़्न है शजरा हमारा

Raza sahil

हम अपनी मुफ़लिसी पर ख़ूब रोये है "रज़ा"
कहा जब बच्चे ने मुझ को खिलौना चाहिए

Raza sahil

बिखरी पड़ी है यादें तेरी दिल के कमरे में
आँखों के शहर में उन्हें यकजा नही किया

Raza sahil

फिर हुए आज मजबूर मस्खे गुलू के लिए हम
फिर किसी चहरे ने आज रस्सी गले से निकाली

Raza sahil

बालों पर नोच के हम अपनी उडानों से गए
गर्दिशे बख़्त के मारे हुए शाहीन हैं हम

Raza sahil

रहनुमाई की दस्तार हम को दी जाए
आप से अब सदारत नहीं होने वाली

Raza sahil