@mehshar-afridi
Mehshar Afridi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Mehshar Afridi's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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ज़मीं पे घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं
हमारी ख़ुश-नसीबी है कि हम भारत में रहते हैं
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से
ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
दिल ये करता है कि इस उम्र की पगडंडी पर
उलटे पैरों से चलूँ फिर वही लड़का हो जाऊँ
तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया
पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया
सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा
तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया
ऐसे हालात से मजबूर बशर देखे हैं
अस्ल क्या सूद में बिकते हुए घर देखे हैं
हमने देखा है वज़ादार घरानों का जवाल
हमने सड़कों पे कई शाह ज़फ़र देखे है
मैं न कहता था हिज्र कुछ भी नहीं
ख़ुद को हलकान कर रही थी तुम
कितने आराम से हैं हम दोनों
देखा बेकार डर रही थी तुम
सबसे बेज़ार हो गया हूँ मैं
ज़ेहनी बीमार हो गया हूँ मैं
कोई अच्छी ख़बर नहीं मुझ में
यानी अख़बार हो गया हूँ मैं
जगह की क़ैद नहीं थी कोई कहीं बैठे
जहाँ मक़ाम हमारा था हम वहीं बैठे
अमीर-ए-शहर के आने पे उठना पड़ता है
लिहाज़ा अगली सफ़ों में कभी नहीं बैठे
दबी कुचली हुई सब ख़्वाहिशों के सर निकल आए
ज़रा पैसा हुआ तो च्यूँटियों के पर निकल आए
अभी उड़ते नहीं तो फ़ाख़्ता के साथ हैं बच्चे
अकेला छोड़ देंगे माँ को जिस दिन पर निकल आए
तेरे वादे से प्यार है लेकिन
अपनी उम्मीद से नफ़रत है
पहली ग़लती तो इश्क़ करना थी
शायरी दूसरी हिमाक़त है