Dharmesh Solanki

Dharmesh Solanki

@dharme2h

Dharmesh Solanki shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Dharmesh Solanki's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal

बिछड़ने वाले जिन में फिर से मिल जाएँ
वो फिल्में देखनी ही छोड़ दी हैं

Dharmesh Solanki

अच्छा हुआ जवाब न आया नहीं तो दोस्त
ता-उम्र उस जवाब से बाहर न आता मैं

Dharmesh Solanki

क़िस्सा तुम्हारा सुन के यही पूछते हैं लोग
उस ने तुम्हारे साथ भी अच्छा नहीं किया

Dharmesh Solanki

दुनिया जो कहती थी वो किए जा रहे थे हम
अफ़सोस आप ने जो कहा था नहीं किया

Dharmesh Solanki

देख लो ख़ुद को रख के मेरी जगह
बे-वफ़ा थोड़ा कम लगूँगा मैं

Dharmesh Solanki

ख़ुद को ऊपर उठा उसे न गिरा
सुर्ख़-रू हो के इंतिक़ाम ले दोस्त

Dharmesh Solanki

सुन कि कुछ कह रही है मेरी निगाह
आज ख़ामोश सी है मेरी निगाह

चाँद जैसी ये शक्ल किस की है
जिस पे कब से टिकी है मेरी निगाह

Dharmesh Solanki

अच्छे दिन लाएगा यक़ीं है मुझे
वो सियासी नहीं ख़ुदा है दोस्त

Dharmesh Solanki

अपने वालिद की रख गई इज़्ज़त
मुझसे अगले जनम का वा'दा किया

Dharmesh Solanki

वो भी हँस रहा था मिरी ग़लतियों पर
जिसे सीखना था कुछ इन ग़लतियों से

Dharmesh Solanki

मयस्सर नहीं बात भी करने को अब
कभी चूमने को मयस्सर थे जो लब

Dharmesh Solanki

ऐसी लुत्फ़-ए-सज़ा न फिर हो नसीब
क़ैद-ए-आग़ोश से रिहा मत कर

Dharmesh Solanki

हम दोनों को ऐ दोस्त जगह मिल गई जिस में
उस लड़की का दिल कितना बड़ा होगा ज़रा सोच

Dharmesh Solanki

बताओ क्या करोगे मुझ से मिल कर
मैं ख़ुद उस शख़्स से मिलता नहीं हूँ

Dharmesh Solanki

इजाज़त हो तो मैं वो दर्द छिन लूँ
जो तेरे दिल के कोने में पड़ा है

Dharmesh Solanki

ऐ क़लमकार तू कर सकता है कुछ अब भी कमाल
इस कहानी में उसे कर मिरा मुझ में जाँ डाल

Dharmesh Solanki

रोज़ी-रोटी कमाया कर थोड़ी
शाइरी क्या परोस कर देगी?

Dharmesh Solanki

चुप-चाप बैठे रहते हैं अब तो अपने घर में
होली तो पहले खेला करते थे यार हम लोग

Dharmesh Solanki

ये अब सहा नहीं जाता कि इक ही महफ़िल में
रहे तू और मैं फिर भी हमारी बात न हो

Dharmesh Solanki

कि कटती है सफ़र-ए-ज़ीस्त कैसे यार बग़ैर
सुलगती रेत पे देखो बरहना-पा चल कर

Dharmesh Solanki

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