@avtarjasser
Avtar Singh Jasser shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Avtar Singh Jasser's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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हम तिरे किरदार तेरे ढंग पे मरते हैं
हैं बहुत कमज़र्फ़ जो भी रंग पे मरते हैं
मेरी क़िस्मत में बरबादियाँ थीं अज़ल से ही लिक्खी हुईं
तुझ से जस्सर करूँ क्या गिला तू फ़क़त इक बहाना हुआ
ये दुनिया इस लिए ही मुझको पागल कह रही है
मेरी कश्ती जो तूफ़ाँ के मुक़ाबिल बह रही है
शाइरी क्या है रदीफ़ ओ क़ाफ़िया क्या च़ीज़ है
आप ही मुझको बताएँ मैं अभी बेबहर हूँ
ज़रा नज़दीक आकर सुन मेरी इक बात ऐ उर्दू
मेरी तहरीर बिन तेरे मुक़म्मल हो नहीं सकती
जनाब आधा अधूरा सा वही क़िस्सा हूँ मैं तो
कई किरदार भी जिसको मुकम्मल कर न पाये
शहर के रस्ते लगे जब सख़्त अपने पाँव को
हम दिवाने लौट आये फिर से अपने गाँव को
माँ के आँचल का सुकूँ भी याद आया तब हमे
याद जब हमने किया पीपल की ठंडी छाँव को
हमारे इश्क़ का तुम ने गुमांँ ही रख लिया होता
जहाँ औरों को रक्खा है वहाँ ही रख लिया होता
हमेशा के लिए वो भी हमारा हो नहीं सकता
फ़क़त इक इश्क़ हम से भी दोबारा हो नहीं सकता
मुझे उस पे तअज्जुब हो रहा है
जुदा हो कर वो मुझसे रो रहा है
किसी का रफ़्ता-रफ़्ता हो रहा है
मुझे वो रफ़्ता-रफ़्ता खो रहा है
ख़ुदा क़िस्मत में जो लिख दे वही मिलता है इंसाँ को
मुहब्बत तो किसी को भी किसी का कर नहीं सकती