@ahmad-faraz
Ahmad Faraz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ahmad Faraz's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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उसने नज़र नज़र में ही ऐसे भले सुख़न कहे
मैंने तो उसके पाँव में सारा कलाम रख दिया
अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँ नहीं आता
मैं क्या करूँ के तुझे देखने की आदत है
हम तिरे शौक़ में यूँ ख़ुद को गँवा बैठे हैं
जैसे बच्चे किसी त्यौहार में गुम हो जाएँ
मुझे कहता है झूठी हैं तेरी बेकार सी बातें फ़राज़
मगर लगता है वो मेरी उन्ही बातों पे मरता है