@Satyanveshi
Ashkrit Tiwari shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ashkrit Tiwari's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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इमारतों का दुख तुम्हें नहीं दिखा है अब तलक
छू कर सतह को तुमने महज़ धूल ही हटाई है
उसे अपना कहा बस आजमाइश ही नहीं माँगी
ख़ुदा माँगा तो पर उसकी नवाज़िश ही नहीं माँगी
महीने भर से प्यासा छटपटाता मर गया था मैं
वो बादल आए तो थे मैंने बारिश ही नहीं माँगी
किसे पता था ज़िंदा भी बचूंँगा धोका खा के मैं
नए से चेहरे क्या दिखे ये दिल तो फिर मचल पड़ा
एक ऐसी जंग होती है दिमाग-ओ-दिल मे मेरे
कोई अच्छा भी लगे तो कहने भर से डरता हूँ मैं
है वक़्त का कोई तक़ाज़ा या जुनूँ बाक़ी मेरा
मैं लिख रहा हूँ जिस्म पर जब तक है ख़ूँ बाक़ी मेरा
ख़य्याम की बरसे कृपा तब जाके तो ये ज्ञान हो
जब हाशिये पर जान हो तब किस पे ये क़ुर्बान हो