Chandan Sharma

Chandan Sharma

@Jaajib

Chandan Sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Chandan Sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

तेरे बाद भी आईं और गईं कितनी ही हसीनाएँ जान
मैंने लेकिन हिज्र के ग़म का वो भौकाल बनाए रक्खा

तेरे लौट आने का इस दिल को अरसों तक वहम रहा दोस्त
सो बरसों मैंने भी अपनी दाढ़ी बाल बनाए रक्खा

Chandan Sharma

था नहीं काम कुछ भी कर ली तबाह
ज़िंदगी जीने को थी कर ली तबाह

ढूँढ़ते फिरते अहल-ए-इश्क़-ओ-वफ़ा
हमने अपनी जवानी कर ली तबाह

Chandan Sharma

मैं नहीं चाहता हूँ आप सुख़न-फ़हमी हों दोस्त
मैं नहीं चाहता हूँ आप को तन्हा करें आप

Chandan Sharma

लगाती है नमक जख़्मों पे और फिर मुस्कुराती है
अरे ऐ जिंदगी तू मौत से ज़्यादा सताती है

यहाँ हम हैं कि रोज़ाना करें हैं हँसने की कोशिश
यहाँ तू है कि रोज़ाना हमें आकर रुलाती है

Chandan Sharma

मेरे अंदर हैं जाॅन रक़्स-कुनाँ
ढूँढ़ते हैं जो फ़ारिहा मुझ में

Chandan Sharma

मेरे दिल में तुझे खोने का गर जो डर नहीं होता
मैं कुछ भी होता जानाना मगर शायर नहीं होता

Chandan Sharma

जाने वाले जा रहे हैं ज़िंदगी से
देखता हूँ ये तमाशा बैठ कर मैं

Chandan Sharma

ज़िंदगी खूब नाचे तेरे ताल पर
अब सता मत मुझे जान घर जाने दे

Chandan Sharma

है कितनी ख़ूबसूरत वो करूँ कैसे बयाँ मैं
उसे जो देख ले दिल से निकल आए कलेजा

हथेली पर लिखा करते नहीं वो नाम "जाज़िब"
मिटाने पे जिसे दिल से निकल आए कलेजा

Chandan Sharma

फ़क़त इक शख़्सियत को भूलने में
कई लोगों से रिश्ते बन रहें हैं

Chandan Sharma

आपके जाते ही हम पर कई असरार खुले
अपने बेगाने खुले इश्क़ खुला यार खुले

हम को खुलना था जहाँ खुल न सके हम वहीं पर
और जहाँ खुलना न था हम वहीं हर बार खुले

Chandan Sharma

वो चाहती थी कि हो जाएं हम तबाह कहीं
हमारी चाह भी थी उसके ख़्वाब पूरे करें

Chandan Sharma

कभी मिलता नहीं क्यों मुझ को मुझ में
कहाँ है गर मेरे अंदर ख़ुदा है

भटकती है कहीं और ही मेरी रूह
बदन मेरा कहीं और ही पड़ा है

Chandan Sharma

आप से बाद बिछड़ने के खुला ये हम पे
उम्र तन्हा ही गुज़र जाती, तो अच्छा होता

Chandan Sharma

हाथ में तस्बीह लब पर नाम हर पल बस तेरा
जानेमन यूँ इश्क़ में मैं भी क़लंदर बन गया

Chandan Sharma

मेरी नज़रों से ख़ुद को देखो तुम
तुम हो क्या चीज़ जान जाओगी

Chandan Sharma

मत समझना किसी को राम यहाँ
मन को तुम अपने सीता मत करना

Chandan Sharma

न ही आदम न पैगम्बर कोई याँ
नहीं रहता मेरे अंदर कोई याँ

Chandan Sharma

क्या पढ़ सकोगे तुम मेरी आँखों को जान
अब लब मेरे बातें नहीं करते कभी

Chandan Sharma

हर दफ़ा वालिदा ने सँवारा मुझे
टूट कर जब कभी मैं बिखर सा गया

Chandan Sharma

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