@Baagi
Ashutosh Kumar "Baagi" shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ashutosh Kumar "Baagi"'s shayari and don't forget to save your favorite ones.
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ऐसा जाने क्या खोया है सोता नईं है रातों को
मेरी छत पर टॉर्च जलाकर कुछ तो ढूँढ़ रहा था चाँद
अब मैं समझा आख़िर क्यूँ कर रात बनाई है उसने
तारे गिन लें, बातें कर लें चाँद से, हिज्र के मारे लोग
सेब आदम ने बस इक तोड़ लिया था यूँ ही
तुम ने तोड़ा, वो मेरा दिल है, ख़ुदा ख़ैर करे
उस ने अपने बाल काटे हाए रे कुछ यूँ लगा
ज़िन्दगी से कोई मेरी, साल जैसे काट दे
ये सब ख़ुशियाँ किसी की माँग में सिंदूर सी हैं और
मैं वो लड़की, लड़कपन में ही बेवा हो गई है जो
दिल हुआ करता था पहले, अब कहाँ बाक़ी रहा
जल गए अरमान सारे, बस धुआँ बाक़ी रहा
हम कहो क्या क्या बताएँ, क्या है खोया इश्क़ में
ये जहाँ बाक़ी रहा ना वो जहाँ बाक़ी रहा
भेज रहे हो मुझ को ख़ुद से दूर मगर ये तो सुन लो
पाँव नहीं दुखते हैं जानाँ दिल दुखते हैं हिजरत में