Ashutosh Kumar "Baagi"

Ashutosh Kumar "Baagi"

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Ashutosh Kumar "Baagi" shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ashutosh Kumar "Baagi"'s shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

ऐसा जाने क्या खोया है सोता नईं है रातों को
मेरी छत पर टॉर्च जलाकर कुछ तो ढूँढ़ रहा था चाँद

Ashutosh Kumar "Baagi"

इश्क़ पहले बना था जाने जाँ
नींद की गोलियाँ बनीं थीं फिर

Ashutosh Kumar "Baagi"
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अब मैं समझा आख़िर क्यूँ कर रात बनाई है उसने
तारे गिन लें, बातें कर लें चाँद से, हिज्र के मारे लोग

Ashutosh Kumar "Baagi"

कौन यहाँ ज़िंदा रहता है
रस्मन साँस लिया करते हैं

Ashutosh Kumar "Baagi"

सेब आदम ने बस इक तोड़ लिया था यूँ ही
तुम ने तोड़ा, वो मेरा दिल है, ख़ुदा ख़ैर करे

Ashutosh Kumar "Baagi"

है बहुत लम्बी ज़िन्दगी मेरी
हाँ, मेरे कान तक तो आती है

Ashutosh Kumar "Baagi"

उस ने अपने बाल काटे हाए रे कुछ यूँ लगा
ज़िन्दगी से कोई मेरी, साल जैसे काट दे

Ashutosh Kumar "Baagi"

और मुझको लगा मैं शाइर हूँ
हिज्र-ए-जानाँ का हादसा था मैं

Ashutosh Kumar "Baagi"

ये सब ख़ुशियाँ किसी की माँग में सिंदूर सी हैं और
मैं वो लड़की, लड़कपन में ही बेवा हो गई है जो

Ashutosh Kumar "Baagi"

तुग़लक़ी हुक्म उसके आते हैं
फिर उजड़ती हैं दिल्लियाँ मुझमें

Ashutosh Kumar "Baagi"

मैं तो कमज़र्फ़ एक सहरा हूँ
ढूँढ़ती है वो सीपियाँ मुझमें

Ashutosh Kumar "Baagi"

हाय क्या दिन थे वो मोहब्बत के
एक काफ़िर रहा ख़ुदा मेरा

Ashutosh Kumar "Baagi"

काश मंज़िल कोई मुझे कहता
सबको दिखती हैं सीढ़ियाँ मुझमें

Ashutosh Kumar "Baagi"

इतनी कमियाँ निकाली लोगों ने
अब फ़क़त ख़ूबियाँ बचीं मुझमें

Ashutosh Kumar "Baagi"

हम कि जिस दौर से गुज़र आए
आप उस दौर में गुज़र जाते

Ashutosh Kumar "Baagi"

ख़ुशनसीबी है तुमसे इश्क़ हुआ
और ये ही मेरी सज़ा साहब

Ashutosh Kumar "Baagi"

ख़िज़्र की उम्र भी अता कर दी
फिर तेरा हिज्र भी दिया साहब

Ashutosh Kumar "Baagi"

दिल हुआ करता था पहले, अब कहाँ बाक़ी रहा
जल गए अरमान सारे, बस धुआँ बाक़ी रहा

हम कहो क्या क्या बताएँ, क्या है खोया इश्क़ में
ये जहाँ बाक़ी रहा ना वो जहाँ बाक़ी रहा

Ashutosh Kumar "Baagi"
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भेज रहे हो मुझ को ख़ुद से दूर मगर ये तो सुन लो
पाँव नहीं दुखते हैं जानाँ दिल दुखते हैं हिजरत में

Ashutosh Kumar "Baagi"

इश्क़ है इक ज़हरीला साँप
ख़ुशियाँ खाकर जीता है

Ashutosh Kumar "Baagi"

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