एक नज़र देखते तो जाओ मुझे
कब कहा है गले लगाओ मुझे
तुमको नुस्खा भी लिख के दे दूंगा
ज़ख्म तो ठीक से दिखाओ मुझे
वक़्त ही कम था फ़ैसले के लिए
वर्ना मैं आता मशवरे के लिए
तुम को अच्छे लगे तो तुम रख लो
फूल तोड़े थे बेचने के लिए
घंटों ख़ामोश रहना पड़ता है
आप के साथ बोलने के लिए
सैकड़ों कुंडियाँ लगा रहा हूँ
चंद बटनों को खोलने के लिए
एक दीवार बाग़ से पहले
इक दुपट्टा खुले गले के लिए
तर्क अपनी फ़लाह कर दी है
और क्या हो मुआशरे के लिए
लोग आयात पढ़ के सोते हैं
आप के ख़्वाब देखने के लिए
अब मैं रस्ते में लेट जाऊँ क्या
जाने वालों को रोकने के लिए
तुम ने भी उन से ही मिलना होता है
जिन लोगों से मेरा झगड़ा होता है
उस के गाँव की एक निशानी ये भी है
हर नलके का पानी मीठा होता है
मैं उस शख़्स से थोड़ा आगे चलता हूँ
जिस का मैं ने पीछा करना होता है
बस हल्की सी ठोकर मारनी पड़ती है
हर पत्थर के अंदर चश्मा होता है
तुम मेरी दुनिया में बिल्कुल ऐसे हो
ताश में जैसे हुकुम का इक्का होता है
कितने सूखे पेड़ बचा सकते हैं हम
हर जंगल में लक्कड़हारा होता है
अब बस उसके दिल के अंदर दाखिल होना बाकी है
छह दरवाजे़ छोड़ चुका हूं एक दरवाज़ा बाकी है
दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो इनके बाद भी हासिल करना बाक़ी है
मैं बरसों से खोल रहा हूं एक औरत की साड़ी को
आधी दुनिया घूम चुका हूं आधी दुनिया बाकी है
कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूॅं पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
उसकी खातिर बाजारों में भीड़ भी है और रोनक भी
मैं गुम होने वाला हूं बस हाथ छुड़ाना बाकी है
दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो इन के बाद भी हासिल करना बाक़ी है
कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूॅं पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
बोल पड़ते हैं हम जो आगे से
प्यार बढ़ता है इस रवय्ये से
मैं वही हूँ यक़ीं करो मेरा
मैं जो लगता नहीं हूँ चेहरे से
हम को नीचे उतार लेंगे लोग
इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
सारा कुछ लग रहा है बे-तरतीब
एक शय आगे पीछे होने से
वैसे भी कौन सी ज़मीनें थीं
मैं बहुत ख़ुश हूँ आक़-नामे से
ये मोहब्बत वो घाट है जिस पर
दाग़ लगते हैं कपड़े धोने से