'हम लड़के हैं'
आज आपको सब सच-सच बताते हैं
हम किस लिए इतना मुस्कुराते हैं
हम को रोना भी आए तो कहाँ रो पाते हैं
कोई देख न ले रोता हुआ ये सोच कर डर जाते हैं
दर्द सहते हैं और अपने आसुओं को पी जाते हैं
हम वो हैं
जिन्हें अपने अश्क बहाने से रोका जाता है
जिन्हें अपना दर्द सुनाने से रोका जाता है
हम वो हैं
जो ख़ुद ही ख़ुद का मज़ाक बनाते हैं
और फिर एक दूजे से सच छिपाते हैं
हम सब कुछ कर सकते हैं मगर कभी खुल कर रो नहीं सकते
हमारा दर्द हमारे सिवा इस दुनिया में कहाँ कोई समझ पाता है
सुख में खुल के हँसते हैं और दुख में झूठ-मूठ का मुस्कुराना आता है
हम लड़के हैं साहब हमें बचपन से बस यही सिखाया गया है
लड़के रोते नहीं हैं ये बोल-बोल कर पत्थर दिल बनाया गया है
अपने मन की करने वाला इस समाज की नज़र में हर लड़का बुरा है
अपने आसुओं को पी जाओ दोस्तों हम लड़के हैं हमें रोना मना है
मोहब्बत में कोई नशा है
अगर है तो मुझको हुआ है
हक़ीक़त में मिलता नहीं जो
मुझे ख़्वाब में मिल गया है
मुझे प्यार जिससे है उसका
किसी और से दिल लगा है
किसी से मोहब्बत न करना
तुम्हें सौ दफ़ा तो कहा है
मोहब्बत कोई क्या करेगा
यहाँ हर कोई बेवफ़ा है
मेरे शेर आँशू हैं मेरे
मैं लड़का हूँ रोना मना है
मोहब्बत से मोहब्बत को भला कैसे करूँ हासिल
मुझे तो दोस्तों दौलत कमाना भी नहीं आता
तुम्हें करता रहूँगा ज़िंदगी भर मैं मोहब्बत पर
कभी तुम को बताऊँगा नहीं तुम से मोहब्बत है
तुम्हें अब जान आज़ादी मुबारक हो
हमें भी जान बर्बादी मुबारक हो
तुम्हारे साथ करनी थी हमें शादी
कहूँ कैसे तुम्हें शादी मुबारक हो