Tajammul Kazmi

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@tajammul-kazmi

Tajammul Kazmi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Tajammul Kazmi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal

दुआएँ मिन्नतें रौशन दिया क़ुबूल करे
वो आए और मेरे अश्क़-ए-वफ़ा क़ुबूल करे

अरीज़े डाल दो दरिया में और नेकी भी
ख़बर नहीं है वो किस वक़्त क्या क़ुबूल करे

बुरा लगेगा हमें गर हमारे हाथ से फूल
तेरे अलावा कोई दूसरा क़ुबूल करे

वो आइने से अगर मुतमइन नहीं है तो फिर
हमारी आँखें बतौर आइना क़ुबूल करे

मैं ज़िंदगी में फ़क़त तुझ को देख पाया हूँ
ख़ुदा-ए-ख़्वाब मेरा देखना क़ुबूल करे

Tajammul Kazmi