@shoaib-kiani
Shoaib Kiani shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shoaib Kiani's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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छुप गए साए में साए मैं अकेला रह गया
इतने गहरे अब्र छाए मैं अकेला रह गया
मैं अकेला रह गया तो मैंने कुछ रिश्ते बनाए
मैंने कुछ रिश्ते बनाए मैं अकेला रह गया
हल्क़ा-ए-अहबाब की मौजूदगी में यूँ हुआ
एक दिन बैठे बिठाए मैं अकेला रह गया
कितना मुश्किल है अगर इस जिद्दतों के दौर में
कोई मुझ को ढूँढ़ लाए मैं अकेला रह गया
रौशनी की ज़द में है या तीरगी की क़ैद में
तू कहाँ है मेरे साए मैं अकेला रह गया
आप से पहले कम-अज़-कम मैं तो अपने पास था
आप इतने पास आए मैं अकेला रह गया
ये गवारा ही नहीं जो ख़ुद अकेला हो उसे
रो के बतलाऊँ कि हाए मैं अकेला रह गया