Shoaib Kiani

Shoaib Kiani

@shoaib-kiani

Shoaib Kiani shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shoaib Kiani's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

1

Content

2

Likes

4

Shayari
Audios
  • Ghazal
  • Nazm

छुप गए साए में साए मैं अकेला रह गया
इतने गहरे अब्र छाए मैं अकेला रह गया

मैं अकेला रह गया तो मैंने कुछ रिश्ते बनाए
मैंने कुछ रिश्ते बनाए मैं अकेला रह गया

हल्क़ा-ए-अहबाब की मौजूदगी में यूँ हुआ
एक दिन बैठे बिठाए मैं अकेला रह गया

कितना मुश्किल है अगर इस जिद्दतों के दौर में
कोई मुझ को ढूँढ़ लाए मैं अकेला रह गया

रौशनी की ज़द में है या तीरगी की क़ैद में
तू कहाँ है मेरे साए मैं अकेला रह गया

आप से पहले कम-अज़-कम मैं तो अपने पास था
आप इतने पास आए मैं अकेला रह गया

ये गवारा ही नहीं जो ख़ुद अकेला हो उसे
रो के बतलाऊँ कि हाए मैं अकेला रह गया

Shoaib Kiani