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कोई तो हो जो मेरा हाल पूछेकोई तो हो जिसे चिंता हो मेरी
मैं तुम्हें लिखना चाहता हूँ अबतुम मेरी शायरी बनोगी क्या
अब तुम बदल गए हो याराबिलकुल सफल नहीं होगे अब
कभी हमसे हमारा हाल पूछोमैं तुमको सब बताना चाहता हूँ
हवस की आग में जलकर जो लड़की डूब जाती हैख़ुदा देता सितम तो जल्दी शादी ही नहीं होती
बाप के आगे उसका जवान बेटा मर जाएकोरोना इससे ज्यादा दुःख और क्या देगा
मुझे बस एक मौका दे दो जानांँतुम्हारी मांँग भरना चाहता हूँ
निभाया जिससे भी रिश्ता तो फिर हद में रहे हैं हमकिसी के मखमली तकिये के ऊपर सर नहीं रक्खा
तुझे खोने का डर नहीं मुझमेंतेरे ज़ुल्मों से भर गया हूँ मैं
तुमको अब नींद बहुत आती हैमुझसे अब पेट भर गया है क्या