@mahnoor-rana
Mahnoor Rana shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Mahnoor Rana's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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दश्त में सामान-ए-इस्तिग़राक़ कर सकते हैं हम
लम्हा भर में आँख को नमनाक कर सकते हैं हम
तू हमारी ताब पर मत जा बस अपनी कर गुज़र
हँस के हाज़िर सीना-ए-सद-चाक कर सकते हैं हम
एक रख़्श-ए-मुंकिरीं की जुंबिश-ए-मेहमेज़ से
रेज़े रेज़े लश्कर-ए-अफ़्लाक कर सकते हैं हम
बे-लिबासी अव्वलीं पोशाक होती थी हमें
जितना चाहें पैरहन बे-बाक कर सकते हैं हम
सोचते हैं रूह की परवानगी के ज़ो'म में
क्या क़बा-ए-आदमियत चाक कर सकते हैं हम
कह रहे हैं हौज़-ए-कौसर पर बुला कर यक-ब-यक
उम्र-भर के ज़हर का तिरयाक़ कर सकते हैं हम
बे-निशाँ रस्तों पे नक़श-ए-पा बना कर आ गए
और क्या तज़ईन ख़िश्त-ओ-ख़ाक कर सकते हैं हम