@azbar-safeer
Azbar Safeer shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Azbar Safeer's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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रोज़ इक झील राह तकती है खींच लेता है एक अलाव मुझे
जन्नती हूँ तो फिर बढ़ो आगे तितलियों आओ गुदगुदाओ मुझे
पहले कहता है जुनूँ उसका गिरेबान पकड़
फिर मेरा दिल मुझे कहता है इधर कान पकड़
ऐसी वहशत भी न हो घर के दरो बाम कहें
कोई आवाज़ ही ले आ कोई मेहमान पकड़
चमेली रात कह रही थी मेरी बू लिया करें
और इससे जी नही भरे तो मुझको छू लिया करें
कभी भी अच्छे देवता नही बनेंगे ऐसे आप
चढ़ावे में रुपए नही फ़क़त लहू लिया करें
बिछड़े तो रख रखाव भी करना नहीं पड़ा
ताज़ा किसी को घाव भी करना नहीं पड़ा
बस देख कर ही उसको परिंदे उतर गए
उसको तो आओ आओ भी करना नहीं पड़ा
दुःख की दीमक अगर नहीं लगती
ज़िन्दगी किस क़द्र हसीं लगती
वस्ल को लॉटरी समझता हूँ
लॉटरी रोज़ तो नहीं लगती