@ashishanand
Ashish Anand shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ashish Anand's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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मैं अपने फूल लेकर किस इलाके में निकल आया
यहाँ के लोग तो तरकश को भी गुलदान कहते है
जो चक्की चल रही है उसके दोनों पाठ उलटे है
जो बेईमान है वो हम को बेईमान कहते है
जाने कितनी कहानियाँ समेटे रहा होगा
वो जो शख़्स हाल-ए-दिल बायाँ करता भी नहीं
दर्द कितनी होगी, बेचैनी कितनी होगी
वो ज़ुबान जो किसी से कुछ कहता ही नहीं
चाहूँ तो मालूम हो हर लम्स तेरा हिस्सा
मज़ा तो तब है जब तेरी ज़ुबानी हो तेरा क़िस्सा