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Abhishar Geeta Shukla

Top 10 of Abhishar Geeta Shukla

Abhishar Geeta Shukla

Top 10 of Abhishar Geeta Shukla

    अक्सर ही ज़ख़्म इश्क़ में पाले हैं औरतें
    पर कितने टूटे मर्द सँभाले हैं औरतें
    Abhishar Geeta Shukla
    10
    64 Likes
    उदास लोग इसी बात से हैं ख़ुश कि चलो
    हमारे साथ हुए हादसों की बात हुई
    Abhishar Geeta Shukla
    9
    46 Likes
    दश्त किनारे इश्क़ पुकारें और कहें ये तुम ही हो
    हर मरहम का घाव लगा लें और कहें ये तुम ही हो

    सबने क्या क्या रूप गढ़े हैं तेरी हुस्न बयानी में
    हम दरिया से चाँद निकालें और कहें ये तुम ही हो

    जितने इश्क़ कहें हों सबने और सुनें हों जितने भी
    सबकी इक तस्वीर बना लें और कहें ये तुम ही हो

    दुनिया की फुलवारी में जो सब से सुंदर तितली हो
    उस तितली का हुस्न सँवारें और कहें ये तुम ही हो

    जिस चिड़िया ने पिंजर तोड़ा इश्क़ किया आज़ाद हुई
    उस चिड़िया के पंख निहारें और कहें ये तुम ही हो
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    Abhishar Geeta Shukla
    8
    13 Likes
    सोचता हूँ वक़्त की तस्वीर जब मुझ से बनेगी
    तो भला उस की कलाई पर घड़ी कैसी लगेगी

    चाय उस से पूछ तो सकता हूँ मैं भी दोस्त,लेकिन
    सोचता हूँ कौन सा वो कहने भर से चल पड़ेगी
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    Abhishar Geeta Shukla
    7
    31 Likes
    सोचा था इश्क़ होगा नहीं इक परी के बा'द
    पर प्यास और बढ़ गई है उस नदी के बा'द

    नाकाम हो जो इश्क़ में तो शा'इरी करो
    जादूगरी से काम लो चारागरी के बा'द

    तब क्या करेगा दोस्त अगर वो नहीं मिली
    जो ज़िन्दगी तू चाहता है ख़ुद-कुशी के बा'द

    फिर भी यक़ीन कर रहा हूँ उस ख़ुदा पे मैं
    जो बेबसी बना रहा है आदमी के बा'द

    कुछ ज़ख़्म मुस्कुराहटों के ऐसे रह गए
    जैसे कि तीरगी के निशाँ चाँदनी के बा'द

    ये दिलजलों की फ़ौज मेरे साथ जाएगी
    कुछ भी नहीं बचेगा यहाँ शा'इरी के बा'द

    हम इश्क़ से निकल चुकी अफ़सुर्दगी में हैं
    इक अजनबी के साथ हैं इक अजनबी के बा'द
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    Abhishar Geeta Shukla
    6
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    जब रस्तों को तकने वाला हार गया
    एक मुसाफ़िर चलता चलता हार गया

    इक सफ़हे पर एक कहानी, इश्क़ लिखो
    पेज़ पलट कर बा'द में लिखना, हार गया

    कमज़ोरों से कहना इश्क़ मुक़म्मल था
    सच सुनने वालों से कहना हार गया
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    Abhishar Geeta Shukla
    5
    10 Likes
    "लौट आना"
    सुख उन्हें भी कब मिला है
    पर पिता ने ये लिखा है

    देख तू चिंता न करना
    इस समय धीरज सा धरना

    है निशा का घोर डेरा
    दूर दिखता है सवेरा

    भूलना तुम ये नहीं पर
    काल की गति है निरंतर

    कुछ यहाँ रुकता नहीं है
    कल कहीं था कल कहीं है

    याद रखना बात मेरी
    सुख का आना और देरी

    ये नियम कब टूटता है
    हर किसी पर बीतता है

    प्राण है तू बस हमारा
    आँख का ओझल सितारा

    धैर्य तू क्यूँ खो रहा है
    इस तरह क्यूँ रो रहा है

    प्राण अपने खो पड़ूँगा
    तू जो रोया रो पड़ूँगा

    हारने का भय न करना
    दुर्ग़मों की जय न करना

    शैल ही तेरा पता हो
    पर नदी को रास्ता हो

    ये न ढूँढो क्या कहाँ है
    मैं यहाँ हूँ माँ यहाँ है

    बोझ यदि भारी लगे तो
    यदि थकन हारी लगे तो

    हर तपन को भूल जाना
    दुख मिले तो लौट आना

    दुख मिले तो लौट आना
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    Abhishar Geeta Shukla
    4
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    दुख तो बहुत मिले हैं मोहब्बत नहीं मिली
    या'नी कि जिस्म मिल गया औरत नहीं मिली

    मुझ को पिता की आँख के आँसू तो मिल गए
    मुझ को पिता से ज़ब्त की आदत नहीं मिली
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    Abhishar Geeta Shukla
    3
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    तो डर रहे हैं आप कहीं हक़ न माँग ले
    या'नी कि सब को खौफ़ है औरत के नाम से
    Abhishar Geeta Shukla
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    तुम को हम ही झूठ लगेंगे लेकिन दरिया झूठा है
    पहले हम को चाँद मिला था फिर दरिया को चाँद मिला
    Abhishar Geeta Shukla
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Mohammad Aquib KhanMohammad Aquib Khannakul kumarnakul kumarShivam RathoreShivam RathoreShakir DehlviShakir DehlviNirvesh NavodayanNirvesh NavodayanNirmal NadeemNirmal NadeemShreya ShivmurtiShreya ShivmurtiMoin Ahmed "Aazad"Moin Ahmed "Aazad"Aatish AlokAatish AlokAnuj kumarAnuj kumar