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Ajeetendra Aazi Tamaam

Top 10 of Ajeetendra Aazi Tamaam

Ajeetendra Aazi Tamaam

Top 10 of Ajeetendra Aazi Tamaam

    हम ने अपने हक़ की मय क्या माँग ली
    मय-कदे हम से ख़फ़ा रहने लगे
    Ajeetendra Aazi Tamaam
    10
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    कभी फूल देखती है कभी देखती है कलियाँ
    मुझे कर रही है पागल ये नज़र फिसल फिसल के
    Ajeetendra Aazi Tamaam
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    4 Likes
    बाज़ बनना है तो फिर कद भूल जा
    आँख में रख लक्ष्य और हद भूल जा

    किसलिए डरता है दीवारों से तू
    आ
    समाँ को देख सरहद भूल जा
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    Ajeetendra Aazi Tamaam
    8
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    मर न जाऊँ एक दिन ग़म से कहीं
    सर-ब-सर कर्ज़े में डूबा हूँ ख़ुदा
    Ajeetendra Aazi Tamaam
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    हर क़दम हर साँस गिरवी ज़िंदगी रहम-ओ-करम
    इतने एहसानों पे जीने से तो मर जाना सही
    Ajeetendra Aazi Tamaam
    6
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    सताना रूठ जाना और मनाना इश्क़ है लेकिन
    अगर हद से ज़ियादा हो तो रिश्ते टूट जाते हैं
    Ajeetendra Aazi Tamaam
    5
    6 Likes
    हमारे दिल ने पुकारा है अब चले आओ
    ज़बाँ पे नाम तुम्हारा है अब चले आओ

    फ़ज़ा में दर्द का मंज़र है रात काली है
    अजीब हाल हमारा है अब चले आओ

    हमारे पास भला और है ही क्या सोचो
    बस एक ही तो सहारा है अब चले आओ

    तुम्हारे बा'द तुम्हारी हसीन यादों में
    हर एक लम्हा गुज़ारा है अब चले आओ

    ख़राब हाल ये कश्ती है डूब जाएगी
    तुम्हारा साथ किनारा है अब चले आओ
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    Ajeetendra Aazi Tamaam
    4
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    तन्हाई में अक्सर हद से गुजरती है
    जीने नहीं देती यादों की पुरवाई
    Ajeetendra Aazi Tamaam
    3
    0 Likes
    इश्क़ वाली गमज़दा या दोस्ती वाली करें
    हम सुख़न-वर हैं बताओ शा'इरी कैसी करें

    बच गए तो ज़िंदगी लाचार कर देगी तुम्हें
    इस
    लिए मरने से पहले मौत को राजी करें

    मेरा दिल मेरी शिकायत मेरे दुख मेरी सज़ा
    आप को क्या ही पड़ी है आप बस जी जी करें

    बाद-ए-रुसवाई कोई ग़म ही नहीं रुसवाई का
    जी में आता है की अब रुस्वा हर इक हस्ती करें

    ऐ मोहब्बत तुझ से क्यूँ भरता नहीं आख़िर ये दिल
    कितना दिल को दर्द दें और कितना दिल ज़ख़्मी करें

    हिज्र की दीवार पर तस्वीर है इक हिज्र की
    सोचते हैं बारहा सीधी करें उल्टी करें

    वो जिंहोने ख़्वाहिशें पे ख़्वाहिशें तस्लीम की
    ज़िंदगी अच्छी कटेगी ख़्वाहिशें छोटी करें

    हम को अब हम से निकलने में लगेगा वक़्त कुछ
    छोड़ दें हम को हमारे हाल बस इतनी करें

    दिल दुखाकर बोलते हैं कितने दिल जूँ लोग हैं
    जाने वाले अब तुम्हारी फ़िक्र भी कितनी करें

    दर्द ही बस दर्द और इस के अलावा कुछ नहीं
    अब करें तो क्या करें क्या दर्द की खेती करें

    धीरे धीरे जल रहा है कुछ तमाम आज़ी कहीं
    इस से पहले ख़ाक हो जाएँ शिफ़ा जल्दी करें
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    Ajeetendra Aazi Tamaam
    2
    3 Likes
    गुमान हम को नहीं अपनी शख़्सियत पे मगर
    जो हम से दुश्मनी करते तो सर गए होते
    Ajeetendra Aazi Tamaam
    1
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