@Navaa
Navin Joshi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Navin Joshi's shayari and don't forget to save your favorite ones.
Followers
4
Content
3
Likes
15
घर में कुछ और इज़ाफ़ा हुआ तामीर के बाद
एक दीवार बनी थी तेरी तस्वीर के बाद
ख़्वाब लगता हूँ तो फिर देख मुझे लुत्फ़ उठा
मैं दिखाई नहीं दूँगा तुझे ताबीर के बाद
बाद ज़ंजीर के भी मैं न रिहा हो पाया
पाँव लोहे के हुए थे मेरे ज़ंजीर के बाद
मेरी तक़दीर ने मुझको ही सिपाही रक्खा
मैं अकेला ही लड़ा ख़ुद से भी तक़दीर के बाद
जंग के बाद यहाँ अम्न भी तो आएगा
हल चलाना भी सिखाना मुझे शमशीर के बाद
क्यूँ बिछाता है नज़ारे तू लुभाने के लिए
जब पता है तुझे आया हूँ मैं जाने के लिए
वो कोई रस्म हो रिश्ता हो या फिर जीवन हो
मैं निभाऊँगा नहीं सिर्फ़ निभाने के लिए
जिनमें बनती नहीं रक्खे हैं वो दो मैं मैंने
एक मैं मेरे लिए एक ज़माने के लिए
डर लगा मुझको कि दुनिया न जला दे सारी
और मैं रो पड़ा वो आग बुझाने के लिए
लाव-लश्कर तेरा दुश्मन को मुबारक मेरे
मुझ को काफ़ी है तू हर जंग जिताने के लिए
ये तसल्ली रहे दिल को तेरे ऐ मेरे रक़ीब
मैं न जीतूँगा कभी तुझको हराने के लिए
शिव-धनुष उठ नहीं सकता ये ग़लत बात है दोस्त
बस कोई राम नहीं मिलता उठाने के लिए
मैं बुलाऊँगा तो आओगे चलो आ जाओ
उम्र लाया हूँ बिताओगे चलो आ जाओ
मुझको आती नहीं है प्यार की ए बी सी डी
तुम को आती है सिखाओगे चलो आ जाओ
कैसे करते हैं भला इश्क़ बताओ तो सही
तुम मुझे करके दिखाओगे चलो आ जाओ
दुश्मनी ही है मोहब्बत ये सुकूँ छीनेगी
दुश्मनी करके निभाओगे चलो आ जाओ
तुमको दुनिया से बचाना तो मेरा ज़िम्मा है
तुम मुझे मुझसे बचाओगे चलो आ जाओ
आस-पास अपने अगर ढूँढोगे मिल जाऊँगा
साथ अपने मुझे लाओगे चलो आ जाओ