दोस्ती ऐसे निभाओ
वक़्त रहते काम आओ
ज़िन्दगी में ग़म हैं माना
ग़म छुपाकर मुस्कुराओ
दोस्त हो या कोई दुश्मन
सबको सीने से लगाओ
सो रही है जनता सारी
नींद से इनको जगाओ
बेच देंगे ये लुटेरे
देश को इनसे बचाओ
अम्न का नारा नहीं बस
दूरियाँ भी तो मिटाओ
क्यूँ न होगा नाम ऊँचा
काम ऊँचा कर दिखाओ
प्यार का क़िस्सा पुराना हो गया
दर्द झेले भी ज़माना हो गया
कौन सुनता है किसी का दर्द अब
दर्द भी मुश्किल सुनाना हो गया
मौत ही मंज़िल है तेरी ज़िंदगी
हाँ उसी से दिल लगाना हो गया
हैं बहुत ख़ुश बारिशों को देखकर
आज फिर मौसम सुहाना हो गया
रो रहा हूँ बैठकर तन्हाई में
कितना बेबस मैं दीवाना हो गया
टूटने को ही बना था दिल मेरा
दिल लगाना ही बहाना हो गया
क्या करोगे जानकर सच्चाई अब
यार वो क़िस्सा पुराना हो गया