@Kumar_divya
Divya 'Kumar Sahab' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Divya 'Kumar Sahab''s shayari and don't forget to save your favorite ones.
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लोग यहाँ पर आएँगे तो रंग लगाने मुझको फिर भी
शायद रंगों में लिपटा इक हाथ तुम्हार हो सकता था
दो बच्चों ने मल मल कर जब रंग लगाया इक दूजे को
दोस्त यही लगता है ऐसा साथ हमारा हो सकता था
मनेगी इस तरह तुम देखना दीपावली अपनी
कहोगे हाथ छोड़ो भी पकौड़े जल रहे हैं जी
यही वो लोग जब माँगो मदद मुँह फेर लेते हैं
यही वो हैं जो कहते हैं मदद कोई नहीं करता
बस मोहब्बत बाँटने का ये असर हम पर हुआ
वो हमीं हैं जो किसी के भी पसंदीदा नहीं
ज़िंदगी से एक दिन मैंने कहा था प्यार है
ज़िंदगी ने बात मेरी दोस्ती पर रोक दी
प्यार लुटाने पर मेरा मन हर पल बस ये दोहराता है
प्यार लुटाने वाले सारे लोग अकेले रह जाते हैं
मिलाऊँगा उन्हें भी आप सब से सोचता हूँ मैं
मगर कब? जब तलक वो आपकी भाभी नहीं होती
ज़रा सा दुख तो होता है परेशानी नहीं होती
कोई अब छोड़ जाता है तो हैरानी नहीं होती
गोद में मेरी तू अपने सिर को रख कर देखना
सिर को सहलाते हुए तुझको सुनाऊँगा ग़ज़ल
हर जगह बिजली गिरा तूफ़ान ला बरसात कर
लड़ भले दिन रात मुझसे पर मुसलसल बात कर
दोस्त सब देकर गए तोहफ़े में मुझको इक घड़ी
जायज़ा ले जेब का मैं वक़्त देकर आ गया
दोस्त देकर के गए तोहफ़े में उनको इक घड़ी
फिर टटोली जेब और मैं वक़्त देकर आ गया
देखो जिनके पैर नहीं हैं वो जुरअत करते हैं
कोई दोनों पैरों से भी लँगड़ा हो सकता है
हाँ आप बच्चे की तरह मुझको मना लेंगे अगर
फिर आप सबके सामने भी डाँट मुझको लीजिये