मुझे अपना बनाया है किसी ने
मुझे जीना सिखाया है किसी ने
सितारों में मिरा ही नाम लिख के
मुझे क़िस्मत बताया है किसी ने
मिरे लफ़्ज़ों में जादू भर गया है
मुझे लिखना सिखाया है किसी ने
मैं उन सारिक़-गरों से पूछता हूँ
कि मेरा दिल चुराया है किसी ने
मिरी तन्हाइयों में रौशनी है
चराग़-ए-दिल जलाया है किसी ने
न जाने किस दुआ का था असर वो
मुझे अपना बनाया है किसी ने
आज फिर उसकी तस्वीर देखी
अपने हाथों में ज़ंजीर देखी
आँख में उसकी जलते उजाले
उसकी पलकों पे तासीर देखी
ईद है और तुम याद आए
माँ के हाथों में फिर खीर देखी
मौसम की फ़रमाइश देखो
खिड़की से तुम बारिश देखो
मिलना चाहते हो मुझसे तो
मेरे दिल की ख़्वाहिश देखो