10
1 Like
9
0 Likes
8
9 Likes
हर इंसान के अंदर इतनी ख़्वाहिश हो
धूप ज़ियादा हो जाए तो बारिश हो
धूप ज़ियादा हो जाए तो बारिश हो
किसी बहाने याद रखे वो शख़्स मुझे
इश्क़ अगर नामुमकिन है तो रंजिश हो
4
2 Likes
3
1 Like
इश्क़ का अपना भी में'आर हुआ करता है
और अब उस से मैं नीचे तो नहीं आऊँगा
और अब उस से मैं नीचे तो नहीं आऊँगा
तुझे कुछ कहना है मुझ से तो यहीं पर कह दे
मैं वो आशिक़ हूँ जो पीछे तो नहीं आऊँगा।
1
1 Like










