@AkibKhan
Akib khan shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Akib khan's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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अभी भी वक़्त है जोड़ो तो ख़ुद को जोड़ सकते हो
अभी टुकड़े हुए हैं कोई चकनाचूर थोड़ी हो
साथ जितने थे हमारे अब वो ओझल हो गए हैं
ज़िंदगी की दौड़ में हम इस क़दर पीछे खड़े हैं
झूट होगा जो कहें फेंक दी तस्वीर उसकी
देखते तो हैं प अक्सर नहीं देखा करते
छूटने वाले तो मुड़कर ही खड़े रहते हैं
छोड़ने वाले पलटकर नहीं देखा करते
मुझसे मिलने का ये एहसान आख़िरी तो नहीं
ये मुलाक़ात मेरी जान आख़िरी तो नहीं
जाने वाले तू चला जा मगर ये बतला दूँ
इस ज़माने में तू इंसान आख़िरी तो नहीं
मौत के आस पास जाकर ही
चैन पड़ता है दिल लगाकर ही
तुम भी समझोगे वक़्त पर प्यारे
हम भी समझे हैं चोट खाकर ही
सुलगकर के ज़रा बुझ जा रहा हूँ
तभी तो मैं नहीं रह पा रहा हूँ
ये किस दर्जे पे ख़ुद को ला दिया है
कदम धँसने लगे पछता रहा हूँ