ये सब जो आज है वो कल नही होगा
कोई होगा मगर ये पल नही होगा
उसे कमजोर ना जानो, बनेगा कुछ
पढ़ाई में अगर अव्वल नही होगा
माँ तो साया है बच्चों के लिए बारिश
वहाँ होगी, जहाँ बादल नही होगा
मैं ने अब ख़्वाब नींदों में नही देखे
कोई भी ख़्वाब अब ओझल नही होगा
करोगी जो दगा तो भूल जाऊँगा
ये सब मेरे लिए मुश्किल नही होगा
रहो खुश जहाँ भी रहो ये दुआ है
अगर ये भी ना चाहा तो इश्क़ क्या है
उसे भूल तो जाते पर मस'अला ये
कि वो यार अब भी बहुत बावफ़ा है
खामोश मत रहा करो, बताओ कुछ, बताती हुई अच्छी लगती हो
ये क्या है मायूश क्यों हो, मुस्कराओ, मुस्कराती हुई अच्छी लगती हो
बचपन की कुछ यादें मुझे बड़ी याद आती है
वो अंधेरे में चमकने वाले घड़ी याद आती है
ये सोचके तो दूसरी कोई मिट्टी को छु'आ नही
के बाद मरने के हिन्दुस्तां में दफनाया जाऊंगा