Ismail Raaz

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    तेरी गली को छोड़ के पागल नहीं गया
    रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया

    मजनूँ की तरह छोड़ा नहीं मैं ने शहर को
    या'नी मैं हिज्र काटने जंगल नहीं गया

    उस को नज़र उठा के ज़रा देखने तो दे
    फिर कहना मेरा जादू अगर चल नहीं गया

    हाए वो आँखें टाट को तकते ही बुझ गईं
    हाए वो दिल कि जानिब-ए-मख़मल नहीं गया

    तेरे मकाँ के बाद क़दम ही नहीं उठे
    तेरे मकाँ से आगे मैं पैदल नहीं गया

    Ismail Raaz
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    दरअस्ल मैंने मशक़्क़त नहीं मोहब्बत की
    हथेलियों पे नहीं मेरे दिल पे छाले है

    Ismail Raaz
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    ज़िंदगी तूने सुलूक ऐसे किए साथ मेरे
    वो तो अच्छा है कि बाँधे हुए हैं हाथ मेरे

    रोज़ मैं लौटता हूँ ख़ुद में नदामत के साथ
    रोज़ मुझको कहीं फेंक आते हैं जज़्बात मेरे

    मुझको सुनिए नज़र-अंदाज़ न कीजे साहब
    मेरे हालात से अच्छे है ख़यालात मेरे

    Ismail Raaz
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    तेरी गली को छोड़ के पागल नहीं गया
    रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया

    मजनूँ की तरह छोड़ा नहीं मैं ने शहर को
    या'नी मैं हिज्र काटने जंगल नहीं गया

    Ismail Raaz
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    दर्द ऐसा नजरअंदाज नहीं कर सकते
    जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते

    बात तो तब थी कि तू छोड़ के जाता ही नही
    अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते

    Ismail Raaz
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    मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
    आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी

    हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
    ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी

    Ismail Raaz
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    बात ऐसी भी भला आप में क्या रक्खी है
    इक दिवाने ने ज़मीं सर पे उठा रक्खी है

    इत्तिफ़ाक़न कहीं मिल जाए तो कहना उससे
    तेरे शाइर ने बड़ी धूम मचा रक्खी है

    Ismail Raaz
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    ज़रा सी देर को सकते में आ गए थे हम
    कि एक दूजे के रस्ते में आ गए थे हम

    जो अपना हिस्सा भी औरों में बाँट देता है
    एक ऐसे शख़्स के हिस्से में आ गए थे हम

    Ismail Raaz
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    मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग
    मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग

    Ismail Raaz
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    अब इस भ्रम में हर एक रात काटनी है मुझे
    के आने वाली तेरे साथ काटनी हैं मुझे

    तुझे दिलाना है एहसास अपने इस दुख का
    तू कुछ तो बोल तेरी बात काटनी है मुझे

    मुझे तुलू-ए-सहर की तसल्लीया मत दे
    अभी तो ये शब-ए-जुलमात काटनी हैं मुझे

    Ismail Raaz
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