क्या करेंगे जानकर क्या नाम, क्या पहचान है
आप इतना जान लीजे वो हमारी जान है
एक ये उम्मीद हम फिर से कभी मिल जाएंगे
इस अँधेरी कोठरी में एक रौशनदान है
दोस्ती ग़म से करो जो उम्र भर का साथ दें
ये ख़ुशी दिल में तुम्हारे चार दिन मेहमान है
इश्क़ जैसी कोई बीमारी नहीं है आपको ?
आपकी ये ज़िन्दगी यानी बहुत आसान है
ग़म जहाँ भर के उतरकर फ़ैज़ पाते हैं यहाँ
भास्कर का दिल नहीं ये मीर का दीवान है
मैं कैसे मान लूँ कि इश्क़ बस इक बार होता है
तुझे जितनी दफ़ा देखूँ मुझे हर बार होता है
तुझे पाने की हसरत और डर ना-कामियाबी का
इन्हीं दो तीन बातों से ये दिल दो चार होता है
आज है उनको आना, मज़ा आएगा
फिर जलेगा ज़माना, मज़ा आएगा
तीर उनकी नज़र के चलेंगे कई
दिल बनेगा निशाना मज़ा आएगा
तुम्हें मैं क्या बताऊँ इस शहर का हाल कैसा है
यहाँ बारिश तो होती है मगर सावन नहीं आता
अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा
ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
रास्ता जब इश्क का मौज़ूद है
फिर किसी की क्यूँ इबादत कीजिये?
ख़ुदकुशी करना बहुत आसान है
कुछ बड़ा करने की हिम्मत कीजिये
छोड़ो दुनिया की परवाहें, करो मोहब्बत
मुश्किल हों कितनी भी राहें, करो मोहब्बत
सुनकर देखो सारे मंदिर यही कहेंगे
यही कहेंगी सब दरग़ाहें, करो मोहब्बत